अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और असफल शांति वार्ता का असर अब सीधे सर्राफा बाजार पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता के बावजूद सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों के सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया है—क्या अभी खरीदारी करें या और गिरावट का इंतजार करें?
कीमतों में भारी गिरावट
सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और इंडियन बुलियन मार्केट में सोना और चांदी दोनों में गिरावट देखने को मिली।
24 कैरेट सोना करीब 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया
22 कैरेट सोना करीब 1.37 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना लगभग 1.12 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम
चांदी गिरकर करीब 2.37 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई
MCX पर भी सोना और चांदी दोनों में कमजोरी देखी गई, जिससे बाजार में बेचैनी बनी हुई है।
ऑल टाइम हाई से बड़ी गिरावट
जनवरी 2026 में अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद अब:
सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब ₹50,000 से ज्यादा सस्ता हो चुका है
चांदी लगभग ₹2 लाख तक टूट चुकी है
फरवरी में शुरू हुए अमेरिका-ईरान तनाव के बाद से सोने में करीब 10–11% तक गिरावट दर्ज की गई है।
क्यों गिर रहे हैं दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई बड़े कारण हैं:
अमेरिका-ईरान वार्ता का फेल होना
निवेशकों का सुरक्षित निवेश (Safe Haven) से मुनाफावसूली करना
डॉलर में मजबूती
ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव
अक्षय तृतीया से पहले क्या करें?
अक्षय तृतीया जैसे बड़े त्योहार से पहले यह गिरावट खरीदारों के लिए राहत लेकर आई है। लेकिन बाजार विशेषज्ञ दो राय दे रहे हैं:
शॉर्ट टर्म में: कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव
लॉन्ग टर्म में: यह गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका मानी जा रही है
निवेशकों के लिए सलाह
एक साथ बड़ी खरीदारी से बचें
थोड़ी-थोड़ी खरीद (SIP स्टाइल) बेहतर रणनीति हो सकती है
अंतरराष्ट्रीय हालात पर नजर बनाए रखें
सोने-चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट बाजार की अस्थिरता को दर्शाती है, लेकिन आम लोगों के लिए यह खरीदारी का मौका भी बन सकती है। अक्षय तृतीया से पहले बाजार में और हलचल संभव है, इसलिए समझदारी से निवेश करना ही सही फैसला होगा।








