छत्तीसगढ़ के सक्ति जिला में स्थित Vedanta Limited के पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर विस्फोट ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। मंगलवार दोपहर हुए इस हादसे में अब तक 19 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
बताया जा रहा है कि प्लांट में अचानक बॉयलर में तेज धमाका हुआ, जिससे आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। विस्फोट इतना भयानक था कि कई मजदूर मौके पर ही दम तोड़ बैठे, जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
मौत का आंकड़ा और घायलों की स्थिति
कुल 19 मजदूरों की मौत
4 की मौके पर ही मौत
13 ने रायगढ़ के अस्पतालों में दम तोड़ा
2 की मौत रायपुर में इलाज के दौरान
36 मजदूर झुलसे, जिनमें से 18 का इलाज जारी
मृतकों में अधिकतर मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

परिजनों का गुस्सा, प्लांट के बाहर हंगामा
हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ और अभी तक कई लापता मजदूरों की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।
जांच के आदेश
जिले के कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि हादसे के कारणों की गहराई से जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
मुआवजा और राहत पैकेज
Vedanta Limited ने राहत के तौर पर बड़ा ऐलान किया है:
मृतकों के परिजनों को ₹35-35 लाख और एक सदस्य को नौकरी
घायलों को ₹15-15 लाख की सहायता
इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार की ओर से भी मदद की घोषणा हुई है:
पीएम राहत कोष से मृतकों के परिवार को ₹2 लाख, घायलों को ₹50 हजार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ₹5-5 लाख (मृतक) और ₹50 हजार (घायल) देने की घोषणा की
बड़ा सवाल: सुरक्षा में चूक?
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या प्लांट में सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा था? जांच के बाद ही इस सवाल का जवाब सामने आएगा।
यह हादसा न केवल कई परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।








