जयपुर/दिल्ली
राजस्थान में जल जीवन मिशन (JJM) से जुड़े कथित 960 करोड़ रुपये के घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे अग्रवाल को टीम ने दिल्ली से पकड़कर जयपुर लाया, जहां उनसे पूछताछ जारी है।
क्या है पूरा मामला?
जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए गए थे। लेकिन जांच में सामने आया कि इस योजना में टेंडर प्रक्रिया, ठेके आवंटन और भुगतान में भारी अनियमितताएं की गईं।
आरोप है कि फर्जी कंपनियों और मिलीभगत के जरिए करोड़ों रुपये का गबन किया गया
कई ठेके नियमों के विरुद्ध दिए गए
सरकारी धन का दुरुपयोग कर निजी लाभ पहुंचाया गया
ACB की जांच में यह घोटाला करीब 960 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
ACB को काफी समय से सुबोध अग्रवाल की तलाश थी। उनके खिलाफ पहले ही गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका था।
गुरुवार को ACB की टीम ने दिल्ली में दबिश देकर उन्हें हिरासत में लिया
इसके बाद कड़ी सुरक्षा में जयपुर लाया गया
अब कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है
3 आरोपी अभी भी फरार
इस मामले में सिर्फ सुबोध अग्रवाल ही नहीं, बल्कि अन्य आरोपी भी जांच के घेरे में हैं।
तीन मुख्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं
ACB ने उनकी तलाश तेज कर दी है
फरार आरोपियों की संपत्ति अटैच (जब्त) करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है
आगे क्या होगी कार्रवाई?
ACB अब इस मामले में और बड़े खुलासों की तैयारी में है।
पूछताछ के दौरान कई बड़े नाम सामने आने की संभावना
घोटाले से जुड़े दस्तावेजों और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच जारी
संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर भी कार्रवाई हो सकती है
क्यों अहम है यह मामला?
जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में भ्रष्टाचार का यह मामला सरकार और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यह घोटाला न सिर्फ सरकारी सिस्टम पर सवाल खड़े करता है, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी प्रभावित करता है।
पूर्व IAS अधिकारी की गिरफ्तारी से इस बड़े घोटाले की जांच को नई दिशा मिली है। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है, जिससे राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल तेज हो सकती है।








