राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में डंपिंग यार्ड को लेकर चल रहा विरोध उस समय हिंसक हो गया, जब प्रशासनिक टीम मौके पर जमीन का निरीक्षण और माप करने पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए अधिकारियों पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
SDM-तहसीलदार की गाड़ियों को बनाया निशाना
घटना के दौरान उपखंड अधिकारी (SDM) और तहसीलदार की गाड़ियों पर जमकर पत्थर फेंके गए। इससे गाड़ियों के शीशे टूट गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने आसपास के ऊंचे इलाकों और पहाड़ियों से पत्थर बरसाए, जिससे बचाव करना मुश्किल हो गया।
इस घटना में कुल 8 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 4 पुलिसकर्मी और 4 नगर पालिका के कर्मचारी शामिल हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अधिकारियों की सुरक्षा में तैनात पुलिस भी इस दौरान पथराव की चपेट में आ गई।
डंपिंग यार्ड का ग्रामीण कर रहे विरोध
जानकारी के अनुसार, जिस स्थान पर डंपिंग यार्ड प्रस्तावित है, उसे लेकर ग्रामीण लंबे समय से विरोध जता रहे हैं। उनका कहना है कि इससे पर्यावरण और स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ेगा। इसी विरोध के चलते जब प्रशासन जमीन की नापजोख करने पहुंचा, तो गुस्सा भड़क गया।

मौके पर बढ़ाया गया पुलिस बल
घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। हालात को काबू में करने के लिए अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की कोशिश भी शुरू कर दी है, ताकि मामला शांत कराया जा सके।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाएगा। साथ ही, घटना में शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की भी बात कही जा रही है।
बांसवाड़ा में डंपिंग यार्ड को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था की चुनौती बन गया है। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच टकराव ने यह साफ कर दिया है कि बिना सहमति ऐसे प्रोजेक्ट लागू करना मुश्किल हो सकता है। आने वाले दिनों में प्रशासन के लिए इस मामले को शांतिपूर्वक सुलझाना बड़ी चुनौती.








