Kullu, Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में गुरुवार सुबह 30 सेकेंड के भीतर 7 इमारतें ढह गईं. हालांकि, घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. प्रशासन ने तीन दिन पहले इन इमारतों को खाली करा लिया था. आसपास की 2-3 इमारतों को अब भी खतरा है. इलाके में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
पिछले कुछ दिनों में देश भर के कई राज्यों में भारी बारिश के साथ तबाही की लहर देखी जा रही है। प्राकृतिक आपदा ने तीव्रता के साथ तबाही मचाई है, जिससे अन्य राज्यों के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश भी नहीं बचा है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में गुरुवार सुबह 30 सेकेंड के भीतर प्रकृति के कहर से 7 इमारतें ढह गईं. गनीमत यह रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। प्रशासन ने तीन दिन पहले ही इन इमारतों को खाली करा लिया था।
पिछले 24 घंटों के भीतर राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 12 लोगों की मौत की खबर है. इनमें मंडी और शिमला में भूस्खलन से 7 मौतें हुईं। इसके अतिरिक्त, कई घर नष्ट हो गए हैं और लगभग 400 सड़कें अवरुद्ध हैं। भारी बारिश के कारण कुल्लू-मनाली हाईवे बंद हो गया है. मौसम विभाग ने पूरे राज्य में अगले दो दिनों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
आज हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी और सोलन जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। मौसम विभाग ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया है. इसी तरह दिल्ली, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत 6 राज्यों में मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार को उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में भारी बारिश हुई.
कुल्लू बस स्टैंड पर लोगों ने भागकर बचाई जान, 2-3 इमारतों पर खतरा बरकरार
जिस दौरान कुल्लू में इमारतें गिरीं, लोग पास के बस स्टैंड पर मौजूद थे. वे भागकर और कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। घटना के बाद अभी भी 2-3 अन्य इमारतों पर गिरने का खतरा मंडरा रहा है। एसडीएम आनी नरेश वर्मा ने कहा कि सभी इमारतों को पहले ही खाली करा लिया गया था। एक इमारत में कांगड़ा सहकारी बैंक था, जबकि दूसरी में एसबीआई बैंक की शाखा थी। जुलाई में इन इमारतों में दरारें आनी शुरू हो गई थीं. इसे देखते हुए प्रशासन ने इन्हें पहले ही खाली करा लिया था.
पूरे राज्य में रिकॉर्ड तोड़ 4.5 सेमी बारिश हुई. बारिश से जुड़ी घटनाओं में 8 लोगों की जान चली गई. इस बीच, कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 3 मीटर ऊपर पहुंच गया है. इससे 11 गांव गंगा के पानी से घिर गये हैं. इस बार मानसून की मार पहाड़ों पर पड़ी है। पिछले 24 घंटों में भारी बारिश के कारण राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में 23 घर ढह गए और 108 परिवार प्रभावित हुए।
अकेले शिमला शहर में 25 से अधिक घर असुरक्षित हो गए हैं। इसके परिणामस्वरूप 55 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। मानसून ने पूरे राज्य में व्यापक क्षति पहुंचाई है, जिसमें भारी वर्षा, बाढ़, भूस्खलन और मिट्टी का कटाव शामिल है। परिणामस्वरूप, 2255 घर नष्ट हो गए हैं, और 9865 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई परिवार विस्थापित हो गए हैं, जबकि कुछ अपनी जान जोखिम में डालकर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों में रह रहे हैं।
कानपुर में गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर
बुधवार को उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में भारी बारिश हुई. पूरे राज्य में 4.5 सेमी बारिश का रिकॉर्ड दर्ज किया गया। बारिश से जुड़ी घटनाओं में आठ मौतें हुईं. कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 3 मीटर ऊपर है. इससे गंगा किनारे के 11 गांवों में बाढ़ आ गई है।
अगले 24 घंटे में कहां कहाँ होगी बारिश
भारी वर्षा की संभावना: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर। जम्मू और कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और राजस्थान में मध्यम वर्षा की उम्मीद है।
शेखपुरा और बेतिया समेत बिहार के 9 जिलों में भारी बारिश: 23 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
बिहार में 26 अगस्त तक मॉनसून जारी रहने की उम्मीद है. 27 अगस्त के बाद मौसम की स्थिति बदल सकती है. पटना समेत 23 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. गुरुवार की सुबह हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, बेतिया, सुपौल, नवादा, मोतिहारी, समस्तीपुर, आरा और शेखपुरा में भारी बारिश हुई.








