लाल डायरी को लेकर चर्चा में रहे राजेंद्र गुड़ा जिन्होंने विधानसभा में मणिपुर हिंसा पर चर्चा के दौरान अपनी सरकार को कटघरे में खड़ा करने का काम किया था जिसके चलते उन्हे मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था | बताया जा रहा है कि राजेंद्र गुड़ा शनिवार को शिवसेना में शामिल हो गए हैं | उन्होंने अपने पेतर्क गांव गुड़ा में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना का दामन थामा है शिंदे द्वारा उन्हे दुपटा व तिरकमान भेंट करके पार्टी मे शामिल किया गया है शिवसेना ज्वाइन करने के बावजूद भी कांग्रेस नेतृत्व में अभी तक भी राजिंदर गुड़ा को पार्टी से निकालने के आदेश जारी नहीं किया गया है पार्टी के तमाम नेताओं ने इस मामले में फिलहाल किसी प्रकार का कोई बयान भी नहीं दिया है वही सभी कांग्रेस पार्टी के नेता गुड़ा के अनुशासनहीनता का मामला पार्टी हाई कमान के पास होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं किसी प्रकार का बयान देने से बच रहे है मंत्रिमंडल से बर्खास्त होने के बाद भी राजेंद्र गुड़ा के कई बार मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी पर सवाल खड़े किए गए थे हाल ही लाल डायरी के कुछ पन्ने भी सार्वजनिक किए थे| जिसके चलते वो चर्चा मे आए थे लेकिन शनिवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री शिंदे ने पार्टी का दुपट्टा पहनाया वह तीर कमान का चुनाव चिन्ह देखकर पार्टी की सदस्यता दिलवाई राजेंद्र गुड़ा को लेकिन गुड़ा के लिए पार्टी बदली करणा कोई बड़ी बात नही वो पूर्व मे भी ऐसा करते आए है| गुड़ा इससे पहले दो बार बसपा की टिकट पर उदयपुरवाटी चुनाव जीते और दोनों बार कांग्रेस का दामन थाम कर सरकार में मंत्री बने थे | गुड़ा का पार्टी ज्वाइन करना छोड़ने यह कोई नया काम नहीं है यह पहले से ही ऐसा करते आए हैं
राजिनद्र गुड़ा का वो बयान जो बना था चर्चा का विषय
राजस्थान मे मोजूड़ा सरकार मे मंत्रिमंडल में पुनर्गठन में राज्य मंत्री बनाए गए गुड़ा ने एक बयान दिया था जो उस समय खास चर्चा में रहा था जब गुड़ा ने उदयपुरवाटी में एक जनसभा के दौरान कहा कि मैं जब कांग्रेस में दरी पट्टी उठाने की बारी आती है तो वहा से निकाल लेते हु | इस बयान का लोगों ने कई मतलब निकाले थे साथ ही लाल डायरी भी बाहुत चर्चा मे रही थी |
गुड़ा के शिवसेना जॉइन करने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से मीडिया ने भी केई सवाल किए थे जब उनसे पुच गया की जो गुड़ा दो बार बहुजन समाजवादी पार्टी छोड़ चुके हैं क्या वह अब आपके साथ वादा निभा पायेंगे जवाद देते हु शिंदे ने कहा गुड़ा ने सच्चाई के लिए पार्टी छोड़ी है जनता के लिए सता का त्याग किया है | उनसे पूछा की शिवसेना अकेले चुनाव लड़ेगी या गठबंधन के साथ रहेगी जवाब देते हुए कहा कि जहां से मांग आएगी वहां से चुनाव लड़ा जाएगा अब जिम्मेदारी गुड़ा को दे दी है | उनके इसारों से ऐसा परतीत होता है की राजिंदर गुड़ा को राजस्थान मे पार्टी दे सकती ही कोई बड़ी जीमेदारी
राजिंदर गुड़ा ने शिवसेना ज्वाइन कर ली लेकिन कांग्रेस की तरफ से अभी तक उनको पार्टी से निकालने का कोई भी औपचारिकता नहीं निभाई गई है ना ही ऐसा कोई बयान किसी ने जारी किया लेकिन ललित सोनवाल संगठन महामंत्री प्रदेश कांग्रेस से जब पूछा तो उन्होंने बोला कि मुझे पता नहीं राजेंद्र गुड़ा ने शिवसेना ज्वाइन कर लिए
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