लखनऊ के विकासनगर इलाके में बुधवार शाम अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में सैकड़ों झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में दो छोटे बच्चों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि करीब 250 परिवार बेघर हो गए। गुरुवार सुबह जब धुआं छंटा, तो पूरे इलाके में सिर्फ राख और तबाही का मंजर दिखाई दिया।
सिलेंडर धमाकों ने बढ़ाई तबाही
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग शाम करीब 5:30 बजे लगी और देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग के बीच एक के बाद एक 30 से ज्यादा गैस सिलेंडर फटने लगे, जिससे हालात और भी भयावह हो गए। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि धुएं का गुबार करीब 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया।
5 घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की करीब 20 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग इतनी भयंकर थी कि इसे बुझाने में लगभग 5 घंटे का समय लग गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास के 20 मकानों को खाली कराया गया और पूरे इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई।
राख में तलाशते रहे अपनी जिंदगी
आग बुझने के बाद का दृश्य बेहद दर्दनाक था। लोग अपने जले हुए घरों के मलबे में अपनी जमा पूंजी और जरूरी सामान खोजते नजर आए। कई परिवारों के पास अब सिर छुपाने तक की जगह नहीं बची है।

महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप
स्थानीय महिलाओं ने आरोप लगाया कि इलाके के कुछ कोठी मालिक पहले झोपड़ियां हटाने के लिए दबाव बना रहे थे। जब लोगों ने जगह छोड़ने से इनकार किया, तो आग लगाने जैसी घटना सामने आई। हालांकि प्रशासन ने अभी इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
पुलिस जांच में जुटी, सुरक्षा बढ़ाई गई
मामले की जानकारी देते हुए दीक्षा शर्मा ने कहा कि मृत बच्चों की पहचान कराई जा रही है और आग लगने के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
नेताओं ने लिया हालात का जायजा
घटना की गंभीरता को देखते हुए राजनाथ सिंह और ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी और पीड़ितों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया।
हादसा या साजिश? जांच के बाद होगा खुलासा
इस भीषण आग ने न सिर्फ सैकड़ों लोगों का आशियाना छीना, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। क्या यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई साजिश है—इसका खुलासा अब जांच के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है और पीड़ितों को सहायता पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।








