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काला पानी या मौत का जाल? डीजल शेड रोड बना खतरे का केंद्र...

काला पानी या मौत का जाल? डीजल शेड रोड बना खतरे का केंद्र...

जोधपुर के डीजल शेड रोड इलाके में इन दिनों एक गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य समस्या सामने आई है। यहां फैक्ट्रियों से निकलने वाला काला, केमिकल युक्त दूषित पानी खुले में बह रहा है, जिससे पूरे इलाके में गंदगी और तेज बदबू फैल रही है। इस समस्या ने स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए दैनिक जीवन को मुश्किल बना दिया है।

खुले में बह रहा जहरीला पानी, जिम्मेदार कौन?

स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास स्थित कुछ औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला रासायनिक अपशिष्ट बिना किसी शुद्धिकरण के सीधे सड़कों और नालों में छोड़ा जा रहा है। यह पानी काले रंग का और तीव्र दुर्गंध वाला है, जो दूर से ही प्रदूषण की गंभीरता को दर्शाता है।

हर दिन खतरे के संपर्क में लोग

इस रास्ते से गुजरने वाले राहगीर, दुकानदार और यहां रहने वाले परिवार रोजाना इस दूषित पानी और उससे निकलने वाली गैसों के संपर्क में आ रहे हैं। कई लोगों ने आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी और त्वचा पर एलर्जी जैसी समस्याओं की शिकायत की है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी

चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. सीआर चौधरी ने इस स्थिति को बेहद गंभीर बताया है। उनके अनुसार, इस तरह के केमिकल युक्त पानी से निकलने वाली गैसें हवा में घुलकर सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करती हैं, जो खासतौर पर अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस पानी के सीधे संपर्क में आने से त्वचा संबंधी रोग, एलर्जी और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

पर्यावरण और स्वास्थ्य पर दोहरा असर

यह समस्या सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रही है। जमीन और जल स्रोतों के प्रदूषित होने का खतरा बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में और बड़ी समस्या पैदा हो सकती है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह समस्या एक बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।

डीजल शेड रोड पर बह रहा यह जहरीला पानी प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों के लिए एक चेतावनी है। जरूरत है कि जल्द से जल्द जिम्मेदार फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और दूषित पानी के निस्तारण के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि आमजन को इस खतरनाक स्थिति से राहत मिल सके।

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