जोधपुर (राजस्थान) 17 मार्च 2026 :- जोधपुर के चारण छात्रावास में मारवाड़ प्रांतीय चारण सभा की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता सी.डी. देवल ने की। इस दौरान हाल ही में हुए एक विजातीय विवाह के मुद्दे ने प्रमुख रूप से चर्चा का केंद्र बनाया।
विजातीय विवाह को लेकर जताई नाराजगी
सभा के सदस्यों ने मानवेंद्र सिंह जसोल द्वारा किए गए विवाह पर कड़ी आपत्ति जताई। इसे समाज की परंपराओं और मान्यताओं के विरुद्ध बताते हुए सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
सभा का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समाज की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को प्रभावित करती हैं, इसलिए इसे गंभीर सामाजिक विषय के रूप में देखा जाना चाहिए।
निंदा प्रस्ताव पारित, कार्रवाई की मांग
बैठक में प्रस्ताव पारित करते हुए मानवेंद्र सिंह जसोल, संबंधित महिला और उसके परिवार के प्रति असहमति और नाराजगी व्यक्त की गई। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि इस मुद्दे को राजनीतिक स्तर पर भी उठाया जाएगा।
सभा की ओर से देश और प्रदेश के शीर्ष नेताओं को पत्र लिखने की बात कही गई, जिसमें संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पार्टी स्तर पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
समाज से दूरी बनाने की अपील
चारण सभा ने चारण और राजपूत समाज से अपील की कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और सामूहिक निर्णय के तहत संबंधित व्यक्तियों से सामाजिक दूरी बनाए रखने पर विचार करें।

समाज में बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि समाज में विजातीय विवाह की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय बनती जा रही है। इस पर सामाजिक स्तर पर संवाद और जागरूकता की आवश्यकता बताई गई, ताकि परंपराओं और आधुनिक विचारों के बीच संतुलन कायम रखा जा सके।
बैठक के अंत में समाज की एकता बनाए रखने और सामूहिक हित में निर्णय लेने पर जोर दिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के मूल्यों की रक्षा के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
जोधपुर में आयोजित इस बैठक के जरिए चारण समाज ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे परंपराओं से जुड़े मुद्दों पर सख्त रुख अपनाने के पक्ष में हैं और ऐसे मामलों में सामूहिक निर्णय को प्राथमिकता देते हैं।








