पंचायत समिति तिवरी के उपप्रधान खेमाराम बाना को स्थानीय विधायक दिव्या मदेरणा की आलोचना करना भारी पड़ गया। उपप्रधान द्वारा जनसभा में अपनी बात रखने के दौरान पुलिस ने उन्हें डिटैन कर लिया और बताया जा रहा है कि फिर उनकों ओसियां पुलिस थाने ले जाया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस थाने का घेराव किया और विरोध प्रदर्शन किया जिसके बाद खेमाराम बाना को बरी कर दिया गया।
घटना पंचायत समिति तिवरी की है जहां विभिन्न कार्यकर्मों का लोकार्पण करने विधायक दिव्या मदेरणा आने वाली थी। बताया जा रहा है घटना के एक दिन पहले बीजेपी से तिवरी के उपप्रधान खेमाराम बाना ने सोशल मीडिया पोस्ट में जन कार्यों के लोकार्पण के दौरान लोकार्पण पट्ट पर स्थानीय सरपंच का नाम शामिल न करने के कारण विधायक की आलोचना की थी। जिसके बाद लोकार्पण वाले दिन विधायक दिव्या मदेरणा के पहुँचने से पहले कार्यक्रम स्थल, जो कथित तौर पर एक स्कूल में आयोजित करवाया गया था, से पुलिस ने जबरदस्ती खेमाराम बाना को पुलिस की गाड़ी में उठा लेना चाहा, लेकिन सभा में आए लोगों ने पुलिस का विरोध किया तक जाकर पुलिस ने गिरफ़्तारी पोस्टपोंड कर दी, क्योंकि बाद में खेमाराम बाना को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार करने के दौरान उपप्रधान खेमाराम द्वारा सवाल पूछने पर कि आप किस आरोप में मुझे गिरफ्तार कर रहे है, पर पुलिस ने कहा कि खेमाराम बाना ने सोशल मीडिया पर धमकी दी है। इससे ज्यादा पुलिस ने कुछ नहीं कहा और उपप्रधान को जबरदस्ती उठाने की कोशिस की।
कुछ समय बाद विधायक दिव्या मदेरणा लोकार्पण स्थल पर पहुंची जहां उन्होंने पंडाल में बैठे खेमाराम बाना को बुलाकर, मंच पर कुर्सी पर बैठाया जिसके बाद उन्होंने बाना पर तंज कसा जिससे उपप्रधान बाना ने अपना अपमान समझते हुए दिव्या मदेरणा और काँग्रेस पर निशाना साधा की तिवरी या ओसियां से अपना प्रधान बनाकर तो दिखावो।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने बीच बचाव करने की कोशिस की और मामले को शांत कराना चाहा। फिर कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने खेमाराम बाना को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ़्तारी के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुलिस को सरकार की कठपुतली बताते हुए पुलिस स्टेशन के सामने प्रदर्शन किया। जिसके बाद पुलिस ने उपप्रधान खेमाराम बाना को रिहा कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान जनप्रतिनिधियों ने काँग्रेस सरकार की आलोचना की और कहा कि “जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे है, सरकार पुलिस बल का नाजायज प्रयोग कर रही है और द्वेष भावना रखते हुए जिसको चाहे उसे बिना किसी अपराध के उठा लेती है।”
लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय समय में स्कूल के अंदर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित की गई। इससे सरकार क्या संदेश देना चाहती है।








