दुनिया गर्मी मे पानी के लिए तरसती है ओए अधिकारी ने किया शक्ति दुरुपयोग
यह घटना छतीसगढ के कांकेरी इलाके बताई जा जा रही है प्रातप्त सूचना अनुसार ऐक फूड इंस्पेक्टर जिनका नाम राजेश विश्वास है उबका ऐक लाख रुपये का मोबाइल एक जलाशय मे घिर जाता है जलाशय मे 2100000 लीटर पानी भरा हुवा था जिसको मोबाइल ढूँढने के लिए राजेश ने मोटर लगवा कर बहा दिया इस आरोप में पंखाजूर के फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास को कांकेर कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है बताया जा रहा ही की इस पानी से डेढ़ हजार एकड़ के खेतों में सिंचाई हो सकती थी जल संसाधन विभाग कांकेर के कार्यपालक अभियंता ने पंकज और एसडीओ को पत्र भेजकर इस मामले में जवाब मांगा है
2100000 लीटर पानी बनाने के आरोप में पंखा पंखाजूर इंस्पेक्टर राजेश विश्वास ने जो पानी बाहया इस पानी से डेढ़ हजार एकड़ के खेतों में सिंचाई हो सकती थी जल संसाधन विभाग कांकेर के कार्यपालक अभियंता ने पंकज और एसडीओ को पत्र भेजकर इस मामले में जवाब मांगा है
आइए आपको बताते हैं क्या है पूरी घटना
पंखाजूर के फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास छुट्टी मनाने के लिए कांकेर के पंखाजूर में खेरकटा पलकोट जलाशय पहुंचे थे वहां ओवरफलों में उनका मोबाइल गिर गया उसे खोजने लोग पानी में उतरे फोन नहीं मिला तो 4 दिन तक 30-30 एचपी के दो डीजल पंप लगाकर बांध को खाली किया और फोन निकाला गया खाली करने से पहले बांध में 15 फीट तक पानी भरा हुआ था शिकायत पर सिंचाई अफसर मौके पर पहुंचे और पानी निकलना देख उसको बंद करवाया लेकिन तब तक बांध से 6 फीट पानी निकल चुका था इस बांध में गर्मी में भी 10 फीट से ज्यादा पानी रहता है|
विश्वास ने बताया कि सेल्फी लेते वक्त उनका फोन पानी में गिर गया था जल संसाधन के एसडीओ ने उन्हें बताया कि इस पानी का इस्तेमाल नहीं होता है इसलिए पानी निकाला गया हालांकि जल संसाधन विभाग के अधिकारी रामलाल ढीमर ने बताया कि 5 फीट तक पानी खाली करने की इजाजत मौखिक तौर पर दी गई थी लेकिन इससे ज्यादा पानी बहा दिया गया|
अब हो रही है बरखासती की मांग
भाजपा महामंत्री ओपी चौधरी ने लाखों लीटर पानी बहाने वाले फूड इंस्पेक्टर को बर्खास्त करने की मांग की है उन्हें प्राकृतिक संसाधन की बर्बादी का आरोप लगाया उन्होंने कहा कि महंगे मोबाइल के लिए जलाशय को खाली करना गलत है इसी आधार पर फूड स्पेक्ट्रा विश्वास को कांकेर कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और आगे की कार्रवाई अभी क्या होती है वह देखने वाली |
आपकी क्या राय है इस प्रकार किसी भी अपने निजी हित के लिए सरकारी संपत्ति का नुकसान करना कहां तक उचित है आप अपनी राय जरूर दें







