मध्य प्रदेश सरकार ने राजस्थान के अंदर माँ अमृता देवी बिश्नोई के नेतृत्व में शहीद हुए 363 बलिदानियों को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए 27 एकड़ भूमि के ऊपर बनने जा रहा है एक विशालकाय पार्क इस पार्क के अंदर माँ अमृता देवी बिश्नोई स्टेचू लगेगा उस स्टेचू के निर्माण से पहले खेजडली जोधपुर से बलिदानियों की रक्त मिश्रित मिट्टी कावड़ यात्रा के माध्ययम से 29 मध्यपर्देश से बिशनोई समाज के लोग लेने आए है | जहां पर शहीदों का बलिदान हुआ था वहा से मिट्टी कलश मे भरकर और उनकी याद के अंदर मध्यपर्देश मे मेमोरियल की तर्ज पर बनने वाले पार हेतु मिट्टी लेजाई जा राही है | खेजड़ली मेमोरियल के गर्भ ग्रह से मिट्टी को कावड़ यात्रा के माध्यम से मध्यप्रदेश तक पैदल लेजाया जाएगा
मध्य प्रदेश से 29 पैदल यात्रियों का जत्था पहुंचा राजस्थान
दिनांक 8 जून 2023 को मध्य प्रदेश से 29 पैदल यात्रियों सहित अनेकों लोगों का एक जत्था राजस्थान के अंदर आया जो अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र जी भूरिया जिन्होंने अपने निवास स्थान पर इनके रुकने की व्यवस्था की साथ ही दिन के अंदर इनका स्वागत सम्मान किया और वहां पर नजदीक इलाके के बहुत सारे लोग भी उपस्थित रहे सभी ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इन शहीदों को श्रद्धांजलि स्वरुप उनकी याद के अंदर बनाए जा रहे पार्क की सराहना की अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के प्रधान देवेंद्र जी बुढ़िया हमेशा समाज के अंदर नवाचार और समाज का मान बढ़ाया लोगों का मान सम्मान करने में कभी पीछे नहीं हटते कावड़ यात्रा में आए सभी यात्रियों को स्वागत किया गया और राजस्थानी पट्टू सभी 4 यात्रियों को भेंट देकर उनका मान सम्मान बढ़ाया
नव चयनित सब इंस्पेक्टरों का हुआ स्वागत
ऐसा पहली बार देखा गया है कि जब भी कोई नए छात्र-छात्राएं गवर्नमेंट जॉब में लगते हैं तो उनको अपने घर पर बुलाकर उनका मान सम्मान किया जाए कावड़ यात्रा के दौरान मध्य प्रदेश से आए हुए बहुत सारे लोगों के मान सम्मान के साथ साथ हाल ही में आए परिणाम राजस्थान सब इंस्पेक्टर एसआई रिजल्ट में जितने भी बिश्नोई समाज के युवा चयनित हुए थे उनको अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र जी बुढ़िया ने अपने घर पर आमंत्रित करके उनका मान सम्मान किया जिससे समाज के अंदर लोगों का भाव शिक्षा के प्रति बढ़ेगा साथ ही नौकरी के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ेगा यह एक बहुत अच्छी पहल अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र जी बुढ़िया द्वारा की गई
खेजड़ली बलिदानयों के रक्त मिश्रित मिट्टी को लेकर कावड़ के माध्यम से जत्था हुआ मध्यप्रदेश के लिए रवाना
कावड़ोयों के मान सम्मान और शहीदों की रक्त मिश्रित मिट्टी को मान सम्मान के साथ मध्यप्रदेश के लिए रवाना किया किया गया | वहां पर बहुत सारी माताएं बहने मांगलिक गीतों को गाते हुए कावड़ को अपने कंधे पर उठाए हुए शहीदों को श्रद्धांजलि स्थल खेजड़ली के अंदर सभी लोग वहां पहुंचे और सभी ने अपने अपने हाथों से कुछ मीठी एक पात्र के अंदर एकत्रित की ओर पात्र के अंदर एक दलित हुई मिट्टी को कावड़ के जो पोर्ट थे उन कोर्ट के अंदर डाल के और फिर अपने कंधे पर स्काउट को रखें और यात्रियों को ढोल नगाड़ों के साथ उनके स्वागत के साथ जोधपुर वासी और आसपास के क्षेत्र के लोग 10 किलोमीटर तक उनके साथ पैदल गए और उनका मान सम्मान बढ़ाते हुए लोगों ने उनका हौसला बढ़ाया और खींच ली के बलिदानों की मान सम्मान के साथ मध्य प्रदेश पहुंचे और देश और दुनिया के अंदर रानियों का बलिदान अमर हो इसी लक्ष्य के साथ यात्री यात्रा लगभग 18 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे
कावड़ियों के पहले दिन का विश्राम स्थल बना बेनीवाल परिवार
खेजड़ली से लगभग 18 किलोमीटर दूर पितावास गांव जहां तक कावड़ यात्रा के प्रारंभ के अंदर रवाना वे सभी लोग मध्य प्रदेश से आए हुए लोगों के साथ पैदल चले और वहां तक ढोल नगाड़े और गीतों के साथ लोग चलकर पहुंचे पितावास के अंदर बेनीवाल परिवार द्वारा कावड़ यात्रियों का मान सम्मान स्वागत किया गया और उनके रात्रि रुकने की व्यवस्था और रात्रि भोज की व्यवस्थाएं की गई | लोगों मे बाहुत उत्साह और जोश था एक ही लक्ष्य है कि हम इस वक्त मिश्रित मिट्टी को ले जाकर मध्य प्रदेश की धरा पर राजस्थान के अंदर जो पेड़ों के लिए शहीद होने वाले बलिदानियों के समर्पण भाव को देश-दुनिया में पहुंचाएं जिससे पर्यावरण को बचाने के अंदर हमें एक बल मिले और देश-दुनिया पर्यावरण का महत्व समझें और बलिदानों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें लगभग 20 दिन पेदल चलने वाली यात्रा इस महीने 25 तारीख तक मध्य प्रदेश इंदौर पहुंचेगी लगभग 65 0 किलोमीटर की पदयात्रा से चलकर इंदौर के अंदर भी जब यह पहुंचेंगे तो वहां पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन होगा और उसके बाद में वहां पर स्टेचू निर्माण का कार्यक्रम स्टार्ट किया जाएगा
पेदल यात्रियों का भीलवाड़ा मे हुवा भव्य स्वागत
मध्यपर्देश से आए कावड़ियों का भीलवाड़ा मे भी भव्य स्वागत किया गया | भीलवाडा मे भी बिशनोई समाज के पहेल 3 गाव थे जो अब बढ़कर 5 हो गये है माँगिलाल जी दिलोया बिशनोई समाज के पर्यावरण जाग्रति के रूप मे वहा के आइकॉन रही है | अमरचंद जी दिलोया उनके ही पुत्र है भीलवाडा मे जम्भेश्वर नगर नाम से बिशनोई समाज की शानदार वीआईपी कॉलोनी काटने वाला दिलोया परिवार है जो समेलिया धाम के जिरणोदवार के लिए हमेशा तत्पर रहेटे है |
जहा ऐक तरफ राजस्थान मे माँ अमरता बिशनोई पार्क बनाने वालों को भूमाफिया कहा जाता है वाही दूसरी तरफ मध्यपर्देश सराकर 73 बीघा जमीन माँ अमरता के याद मे बनने वाले पार के लिए दे देती है |
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