Jambhsar Media, New Delhi: तरह-तरह के फर्जिवाडे की खबरें आती रहती है. इसी तरह की एक खबर राजस्थान से सामने आई है जहाँ झुंझुनूं जिले के बिट्स पिलानी (Bits Pilani) की प्रोफेसर से साढ़े सात करोड़ की ठगी हुई है। खुद को ईडी और पुलिस अधिकारी बताकर प्रोफेसर से चार महीने में 7.67 करोड़ रुपये ठग लिए गए।
प्रोफेसर को मनी लॉन्ड्रिंग (money laundering) के नाम पर इतना डराया गया कि उन्होंने ठगों की डिमांड पूरी करने के लिए 80 लाख रुपये का लोन भी लिया। उन्हें सेल्स रिपोर्ट भी भेजने को कहते थे, डराते थे कि हमें हर घंटे की रिपोर्ट करो, तुम कब क्या करती हो। उन्हें दिलासा दिलाया कि यह गुप्त मामला है। डिजिटल वेरीफिकेशन (Digital Verification) के लिए जितनी भी रकम आई, उसे हमें भेजना पड़ेगा। जब रकम नहीं लौटी तो महिला प्रोफेसर ने झुंझुनूं एसपी देवेंद्र बिश्नोई से शिकायत की, इसके बाद मामला झुंझुनूं के साइबर सेल में दर्ज किया गया।
अपने साथ हुई करोड़ों रुपये की ठगी के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर श्रीजाता डे(Assistant Professor Srijata Dey) शुक्रवार शाम को झुंझुनूं एसपी देवेंद्र बिश्नोई के पास पहुंचीं। उन्होंने पूरा घटनाक्रम बताया और एसपी बिश्नोई के निर्देश पर जिला पुलिस की साइबर सेल (cyber cell) में आकाश कुल्हेरी और संदीप राव सहित एक अन्य युवक के खिलाफ सात करोड़ 67 लाख की ठगी का मामला दर्ज किया गया।
मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर ठगी
साइबर सेल (cyber cell) को दी गई रिपोर्ट में श्रीजाता ने बताया, 29 अक्तूबर 2023 को सुबह 8:39 पर मेरे पास एक व्यक्ति का फोन आया था। फोन करने वाले ने कहा कि वह दूरसंचार विभाग (TRAI) से बोल रहा है। इस नंबर पर साइबर क्राइम से जुड़ी हुई शिकायत प्राप्त हुई है। आपका फोन नंबर एक घंटे में बंद हो जाएगा, आपके आधार नंबर पर दूसरा मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है। आपके नंबर से अवैधानिक विज्ञापन और उत्पीड़न के मैसेज भेजे गए हैं। मुंबई पुलिस आपके खिलाफ कार्रवाई करेगी। मुंबई पुलिस से फोन आएगा, इसके तुरंत बाद मुझे एक नंबर से चार बार फोन आया।
स्काइप पर करते थे बात
श्रीजाता डे (Shrijata Dey)ने बताया, एक दिन और फोन आया। फोन करने वाला खुद को मुंबई पुलिस का सब इंस्पेक्टर संदीप राव बता रहा था। उसने कहा, आपके खिलाफ क्राइम ब्रांच मुंबई (Crime Branch Mumbai) में शिकायत मिली है। स्काइप पर जुड़कर ऑनलाइन मीटिंग करनी होगी। मैंने मोबाइल फोन पर स्काइप एप नहीं होने की बात कही। उसके बाद ठगों ने डरा धमकाकर एप डाउनलोड (app download) करवाकर मीटिंग का लिंक भेज दिया। ठगों ने कहा कि जांच के बाद आपकी मुश्किल बढ़ गई है। आप नरेश गोयल मनी लॉन्ड्रिंग केस में संदिग्ध पाई गई हैं। इस केस में 20 लाख रुपये मिले हैं, जिसकी ट्रांजेक्शन रिसिप्ट हम लोगों के पास है।
मामला ईडी से जुड़ा है, सुप्रीम कोर्ट तक जाएगा
श्रीजाता डे ने बताया कि ठगों ने कहा, आपके नाम से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। आपके नाम से एक केनरा बैंक का एटीएम कार्ड भी मिला है। महिला ने मना किया तो उसे गिरफ्तार करने और बैंक खाता तथा जायदाद को फ्रीज करने की धमकी दी। पीड़िता ने ऐसे किसी भी मामले में खुद की संलिप्तता से इनकार किया। ठगों ने मदद करने के नाम से मुंबई पुलिस सीबीआई ऑफिसर बताकर आकाश कुलेरी नाम से किसी व्यक्ति से स्काइप पर जुड़वाकर संदीप राव से बात कराई। आकाश कुल्हरी ने कहा कि मामला ईडी से जुड़ा है, सुप्रीम कोर्ट तक जाएगा।
अलग-अलग खातों में ऑनलाइन डाला पैसा
बैंक खाते में जितना भी फंड रुपया अभी है, उसको डिजिटल वेरीफिकेशन के लिए भेजना पड़ेगा।महिला ने बताया कि इतना कहने के बाद वह डर गई थी और अपने बैंक खाते से 29 अक्तूबर 2023 से 31 जनवरी 2024 तक कुल 42 ट्रांजेक्शन से 7.67 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ऑनलाइन नेट बैंकिंग (Online Net Banking) से डलवाता रहा। इस दौरान ठगों ने रोज स्काइप पर सेल्स रिपोर्ट भेजने के लिए कहा और हर दो घंटे में क्या-क्या काम कर रही हूं, कहां जाती हो किस से मिलती हो। इसकी जानकारी देने की बात कही और यह कहकर डराते हुए कहा कि अगर रुपये ट्रांसफर नहीं हुए, वह सेल्स रिपोर्ट नहीं भेजी तो जेल में डाल दिया जाएगा।
नेशनल सिक्योरिटी का मामला बताया
श्रीजाता डे ने बताया, उसे यह कहा गया कि मामला नेशनल सिक्योरिटी (National Security) से जुड़ा है। किसी से इसके बारे में चर्चा नहीं करनी है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट से ही हल होगा। महिला ने बताया कि वह इतना डर गई थी कि यह सिलसिला तीन महीने तक चलता रहा। मुझे यह कहा गया कि डिजिटल वेरीफिकेशन होने के बाद कोर्ट से मामला हल होते ही पैसा वापस इसी खाते में आ जाएगा।
पीड़ित महिला ने कहा, दो फरवरी 2024 को मैसेज आया और बताया गया कि 12 फरवरी को फैसला हो जाएगा। पैसे खाते में आ जाएंगे। महिला ने बताया कि 15 फरवरी तक न तो फोन आया न ही मैसेज फोन पर संपर्क भी नहीं हो पाया। इससे वह डर गई और सदमे में रहने लग गई। श्रीजाता डे ने बताया, घटना के बाद वह सदमे में चली गई थी। मेरे साथियों ने पूछा तो सारी बात बताई।
उन्होंने मुझे हिम्मत दी, तब पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। मुझे ब्लैकमेल करके मुझसे रुपये ठग लिए गए हैं। उसने तीन बैंकों से 80 लाख का लोन लिया था, वह राशि भी ठगों ने हड़प ली।








