Staff Reporter, Utility Desk: राजधानी दिल्ली से मध्यप्रदेश और राजस्थान जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. अब राजधानी दिल्ली के बाहरी इलाकों में बने रेलवे स्टेशनों को विकसित किया जा रहा है जिससे बाहरी इलाकों से ट्रेन पकड़ने के लिए जिन यात्रियों को राजधानी आना पड़ता था उन्हें अब राजधानी नहीं आना पडेगा वो बाहरी इलाकों से भी अपनी ट्रेन पकड़ पाएंगे.कौनसे रेलवे स्टेशनों को विकसित किया जाएगा आइए जानते है इस रिपोर्ट में…
राजधानी के बाहरी इलाकों में बने रेलवे स्टेशनों को विकसित किया जा रहा है, जिससे बाहरी इलाकों से ट्रेन पकड़ने के लिए यात्रियों को राजधानी आने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
यूपी-बिहार की ओर से आने वाले यात्रियों को आनंद विहार रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ने की सुविधा दी गई है तो दक्षिण की तरफ जाने वालों को निजामुद्दीन से ट्रेन पकड़नी होती है.
इसी तरह, देश के पश्चिमी राज्यों को जाने वाले यात्रियों को नई दिल्ली से पकड़नी होती है. लेकिन जल्द ही राजस्थान और दक्षिण की ओर से आने-जाने वाले यात्रियों को राहत देने के लिए दिल्ली कैंट और निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन को विकसित किया किया जा रहा है.
राजस्थान और उस ओर से गुजरने वाली ट्रेनें दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन से होकर गुजरती हैं. चूंकि यह स्टेशन डेवलप नहीं है, इसलिए प्रमुख ट्रेनों का ठहराव यहां पर नहीं होता है.
लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए नई दिल्ली आना पड़ता है. यात्रियों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने दिल्ली कैंट स्टेशन के पुनर्विकास का फैसला किया गया है.
करीब 335 करोड़ की लागत आएगी. यह यह स्टेशन 508 स्टेशनों में शामिल है. इस स्टेशन को एयरपोर्ट स्टाइल में विकसित किया जाएगा. इसमें फूड कोर्ट भी होगा. इसके अलावा भी यहां ऐसी कई सुविधाएं विकसित होंगी, जिससे स्टेशन देश के चुनिंदा रेलवे स्टेशनों में शामिल होगा.
वहीं, सराय काले खां की ओर से हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचने में यात्रियों को होने वाली परेशानी जल्द दूर होने की उम्मीद है. स्टेशन परिसर के बाहर की नगर निगम की जमीन अब रेलवे को मिल गई है.
इसके बदले निगम को कुतुब रोड पर जमीन दी जाएगी. जिससे यात्रियों को स्टेशन पहुंचने में परेशानी न हो और वे नई दिल्ली के बजाए निजामुद्दीन स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकेंगे.








