नागौर, 2 जुलाई 2025 — राजस्थान के नागौर जिले में बिजली विभाग (Electricity Department) ने एक ऐतिहासिक और साहसिक कदम उठाते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल (MP Hanuman Beniwal) के घर का बिजली कनेक्शन (Electricity Connection) काट दिया। यह कार्रवाई तब हुई जब लंबे समय से लाखों रुपये का बिजली बिल (Electricity Bill) बकाया था और बार-बार नोटिस (Notice) देने के बावजूद बिल जमा नहीं कराया गया। खास बात यह रही कि यह कनेक्शन सांसद के नाम पर नहीं, बल्कि उनके छोटे भाई के नाम पर लिया गया था। इस घटना ने पूरे नागौर जिले में चर्चा का माहौल बना दिया है और इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, नागौर शहर के पॉश इलाके में स्थित सांसद हनुमान बेनीवाल के निवास पर बिजली विभाग की टीम ने बुधवार सुबह अचानक छापा मारा। जांच में सामने आया कि जिस घर में सांसद खुद रहते हैं, वहां का बिजली कनेक्शन उनके छोटे भाई के नाम से लिया गया था। इस कनेक्शन पर पिछले कई महीनों से बिजली का बिल बकाया चल रहा था, जिसकी राशि लाखों रुपये तक पहुंच गई थी।
बिजली विभाग ने कई बार नोटिस भेजे और बिल चुकाने की चेतावनी दी, लेकिन समय पर भुगतान नहीं किया गया। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अंतिम नोटिस के बाद भी जब बकाया राशि नहीं चुकाई गई, तो नियमानुसार कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई।
बिजली विभाग की कार्रवाई: कैसे हुआ ऑपरेशन ?
बिजली विभाग की टीम ने बुधवार सुबह करीब 10 बजे सांसद के घर पहुंचकर कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू की। विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE – Junior Engineer) और लाइनमैन की टीम ने पहले मीटर की रीडिंग (Meter Reading) ली और फिर मुख्य सप्लाई (Main Supply) को डिस्कनेक्ट (Disconnect) कर दिया।
इस दौरान स्थानीय पुलिस भी सुरक्षा के लिहाज से मौके पर मौजूद रही, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
- JE (Junior Engineer): बिजली विभाग का एक तकनीकी अधिकारी, जो फील्ड ऑपरेशन देखता है।
- Meter Reading: बिजली मीटर से खपत की गई यूनिट्स की जांच।
- Disconnect: बिजली सप्लाई को बंद करना।
कनेक्शन भाई के नाम, लेकिन इस्तेमाल सांसद के घर
जांच में यह भी सामने आया कि जिस कनेक्शन पर बिल बकाया था, वह सांसद के छोटे भाई के नाम पर था, जबकि उसका इस्तेमाल सांसद के घर में हो रहा था। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नियम के अनुसार, कनेक्शन जिस नाम पर है, उसकी जिम्मेदारी होती है कि वह समय पर बिल जमा करे।
इस मामले में उपभोक्ता (Consumer) ने बार-बार नोटिस के बावजूद बकाया नहीं चुकाया, इसलिए विभाग को मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा।
- Consumer: बिजली का उपभोक्ता, यानी जिसका नाम कनेक्शन पर है।
लाखों का बकाया, बार-बार दी गई चेतावनी
बिजली विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, इस कनेक्शन पर करीब 11,61,545 रुपये का बिल बकाया था। विभाग ने पिछले 6 महीनों में कम से कम तीन बार नोटिस भेजे थे। हर बार उपभोक्ता से जल्द भुगतान करने की अपील की गई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
अंत में विभाग ने सख्ती दिखाते हुए कनेक्शन काटने का फैसला लिया।
- Notice: विभाग द्वारा भेजा गया लिखित सूचना पत्र।
- Outstanding/Bakaya: बकाया राशि, यानी जो बिल अभी तक जमा नहीं हुआ।
नागौर में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
यह पहली बार है जब नागौर जिले में किसी बड़े राजनीतिक परिवार के घर पर बिजली विभाग ने इतनी सख्त कार्रवाई की है। आमतौर पर बड़े नेताओं या रसूखदार लोगों के खिलाफ विभाग कार्रवाई करने से बचता है, लेकिन इस बार विभाग ने नियमों का पालन करते हुए बिना किसी दबाव के कार्रवाई की।
जनता और सोशल मीडिया पर चर्चा
जैसे ही यह खबर फैली, नागौर शहर और सोशल मीडिया पर हलचल मच गई। आम लोगों ने विभाग की निष्पक्षता की तारीफ की। कई लोगों ने कहा कि आम आदमी का कनेक्शन बकाया होने पर तुरंत काट दिया जाता है, लेकिन नेताओं के मामले में अक्सर ढील दी जाती है। इस कार्रवाई से एक मजबूत संदेश गया है कि कानून सबके लिए बराबर है।
बिजली विभाग का बयान
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (SE – Superintending Engineer) ने मीडिया से कहा,
“हमने नियमानुसार कार्रवाई की है। कनेक्शन जिस नाम पर था, उसे बार-बार नोटिस भेजा गया। भुगतान न होने पर कनेक्शन काटना हमारी मजबूरी थी। चाहे उपभोक्ता कोई भी हो, विभाग के नियम सब पर लागू होते हैं।”
राजनीतिक हलकों में हलचल
इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे कानून का सम्मान बताया, वहीं सांसद के समर्थकों ने विभाग पर भेदभाव का आरोप लगाया। फिलहाल सांसद हनुमान बेनीवाल या उनके परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
आम उपभोक्ताओं के लिए सबक
यह घटना आम उपभोक्ताओं के लिए भी एक सबक है कि बिजली बिल का भुगतान समय पर करना जरूरी है। विभाग ने साफ कर दिया है कि अब चाहे कोई भी हो, बकाया बिल पर कनेक्शन काटा जा सकता है।
अगर उपभोक्ता को किसी कारण से बिल जमा करने में दिक्कत है, तो विभाग से संपर्क कर किस्तों में भुगतान की सुविधा भी ली जा सकती
नागौर में सांसद हनुमान बेनीवाल के घर का बिजली कनेक्शन काटना विभाग की निष्पक्षता और नियमों के पालन का बड़ा उदाहरण है। इससे यह संदेश गया है कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह आम नागरिक हो या बड़ा नेता।
बिजली विभाग की इस कार्रवाई से आम जनता में भरोसा बढ़ा है और उम्मीद है कि आगे भी इसी तरह नियमों का पालन किया जाएगा।








