कुचामन में दो दलित युवकों की बेरहमी से हत्या के बाद आज शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी सरकार से अपनी मांगे मनवाने को लेकर प्रदर्शन जारी है। इस बीच हत्या की जांच को लेकर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा गठित 4 सदस्यीय कमेटी धरना स्थल पर पहुंची है। कमेटी के सदस्यों ने पीड़ित परिवार के लोगों और मृतकों की बहन को सांत्वना दी है और न्याय का आश्वासन दिया है।
परिवार की मांग है कि मुववाजे के तौर पर 1-1 करोड़ रुपये और हत्या की CBI जांच की जाए। जबकि राजस्थान पुलिस अब तक 16 लोगों की पहचान कर पाई है और 3 लोगों की गिरफ़्तारी हुई है।
घटना पर व्यापक रिपोर्ट के लिए समिति में उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक बृज लाल, राज्यसभा सांसद कांता कर्दम, हिमाचल से राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार और भरतपुर से लोकसभा सदस्य रंजीता कोली शामिल है। इनके साथ ही भाजपा नेता और करौली सांसद मनोज राजोरिया, नागौर जिला भाजपा प्रभारी अशोक सोनी, नागौर जिला अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह और परबतसर के पूर्व विधायक मानसिंह भी मौजूद रहे।

इसी बीच भीम आर्मी के समर्थकों ने बीजेपी कमेटी का उत्तर प्रदेश की एक ऐसी ही पुरानी घटना को जिक्र करते हुए विरोध शुरू कर दिया। जिसके बाद बीजेपी समर्थकों और धरना प्रदर्शनकारियों ने भीम आर्मी के लोगों को धरने का राजनीतिगत फायदा उठाने का प्रयास करने के लिए लताड़ लगाई। इस घटना के बाद धरना प्रदर्शन को स्थगित करने तक की नौबत आ गई है।
नीचे दिए विडिओ में आप बीजेपी कमेटी के सदस्यों के इस हत्याकांड पर दिए वक्तव्यों को सुन सकते है। और आरएलपी के विधायक नारायण बेनीवाल का सम्बोधन भी देख सकते है।
पीड़ित परिवार और हजारों प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठे रहेंगे जब तक कि सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया और उन्हें न्याय के कटघरे में नहीं लाया गया। पीड़ितों के शवों को अस्पताल के मुर्दाघर में रखा गया, जो समुदाय की त्वरित कार्रवाई और न्याय की मांग को दिखाता है। हत्या के विरोध में परिवार की मांगों को मनवाने के लिए स्थानीय नेताओं सहित हजारों की संख्या में 36 कौम के लोग धरना स्थल पर पहुँच रहे है।
मामले में अब तक क्या?
मामले में अब तक 16 आरोपियों का नाम आया है, जिनमें से तीन को पुलिस ने डिटेन कर लिया है, और बाकी की तलाश जारी है। इसके अलावा, पास के जिलों के पुलिस अधिकारी भी आरोपियों की तलाश में जुटे हुए हैं, और उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्त में ले लेगी। दूसरे दौर की वार्ता में संभाग की आयुक्त र मीना अजमेर रेंज आईजी लता मनोज, डीडवाना एडीएम श���योराम वर्मा, और अन्य पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं मिल सकी, और वार्ता फिर भी असफल रही।








