Jambhsar Media News Digital Desk नई दिल्ली: सरकार का टैक्स जमा नहीं कराने वाले डिफॉल्टर वाहन मालिकों के घरों पर अब परिवहन विभाग दस्तक दे रहा है। इससे पहले विभाग ने डिफॉल्टर वाहन मालिकों के घरों पर नोटिस भेजे हैं।
सरकार का टैक्स जमा नहीं कराने वाले डिफॉल्टर वाहन मालिकों के घरों पर अब परिवहन विभाग दस्तक दे रहा है। इससे पहले विभाग ने डिफॉल्टर वाहन मालिकों के घरों पर नोटिस भेजे हैं। इसके बाद विभाग के निरीक्षक उनके घरों पर नोटिस लेकर पहुंचेंगे और टैक्स वसूली के प्रयास करेंगे। फिर भी टैक्स जमा नहीं कराने वालों की सम्पत्ति भी कुर्क की जा सकती है। इस पर भी परिवहन विभाग विचार कर रहा है।
चित्तौडग़ढ़ आरटीओ कार्यालय के अधीन 26,600भार व यात्री (ट्रक व बस आदि) वाहन हैं। इनमें से 26 हजार भार वाहन, छह सौ यात्री वाहन पंजीकृत हैं। इसमें करीब 950 डिफॉल्टर वाहन हैं। जिन पर करीब 2 करोड़ रुपए का परिवहन टैक्स बकाया है। इनमें काफी वाहन मालिक ऐसे हैं, जिन पर पिछले दो-तीन साल से टैक्स बकाया है और वे परिवहन विभाग को जमा नहीं करा रहे हैं। जबकि नियमानुसार कामर्शियल यात्री वाहनों को परिवहन विभाग को मासिक और भार वाहनों को सालाना टैक्स जमा कराना अनिवार्य होता है।
चित्तौड़गढ़ के प्रादेशिक परिवहन अधिकारी मथुरा प्रसाद ने बताया कि डिफॉल्टर वाहन मालिकों से परिवहन टैक्स की वसूली के लिए नोटिस भेजे गए हैं। इसके बाद विभाग के निरीक्षक इनके घरों पर जाकर टैक्स वसूली के प्रयास कर रहे हैं। फिर टैक्स जमा नहीं कराने वालों की सम्पत्ति कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग के बार-बार नोटिस देने पर भी डिफॉल्टर वाहन मालिक टैक्स जमा नहीं करा रहे हैं तथा अपने वाहनों को अन्य राज्यों में चला रहे हैं। जिससे परिवहन विभाग उनके वाहनों को जब्त नहीं कर पा रहा हैए लेकिन अब परिवहन टैक्स जमा नहीं कराने वालों की सम्पत्ति भी कुर्क की जा सकती है। डिफॉल्टर वाहन मालिकों की अन्य चल व अचल सम्पत्ति को टैक्स राशि से अटैच कर कुर्की की जा सकती है। विभाग इस प्रक्रिया को अपनाने की तैयारी कर रहा है।
वित्तीय वर्ष पूरा होने में डेढ़ माह शेष हैं। जिसे देखते हुए परिवहन विभाग ने डिफॉल्टर वाहन मालिकों से टैक्स की वसूली के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। चित्तौड़गढ़ आरटीओ कार्यालय से करीब 950 डिफॉॅल्टर वाहन मालिकों के घरों पर डाक के जरिए वसूली नोटिस भेजे जा चुके हैं।








