Jambhsar Media News Digital Desk नई दिल्ली: सूर्य नमस्कार’ का मतलब भगवान सूर्य को नमस्कार करना है,अगर आप योग की शुरुआत कर रहे हैं और आपको योग के बारे में कुछ ज्ञान नहीं है तो इसके लिए ‘सूर्य नमस्कार’ का अभ्यास सबसे बेहतर है यह आपको एक साथ 12 योगासनों का फायदा देता है और इसीलिए इसे सर्वश्रेष्ठ योगासन भी कहा जाता है.
प्रदेश के समस्त सरकारी और गैर सरकारी स्कूल में 15 फरवरी को सूर्य सप्तमी पर स्कूली बच्चे सामूहिक सूर्य नमस्कार करेंगे. इसके लिए सुबह 10:30 बजे से 11:00 के बीच का वक्त तय किया गया है. गौरतलब है कि सरकार की फैसले पर मुस्लिम समाज ने नाराजगी भी जताई है.
जयपुर. सूर्य नमस्कार को लेकर धार्मिक स्वतंत्रता की बात करते हुए एतराज जताने वाले मुस्लिम समाज की मांग के उलट प्रदेश भर में शिक्षा विभाग का भव्य आयोजन आज गुरुवार को होने जा रहा है. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर जयपुर में चौगान स्टेडियम में सुबह 10 बजे से आरम्भ होने वाले कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. वे 10:30 बजे से 11 बजे के बीच होने वाले सामूहिक अभ्यास के दौरान विद्यार्थियों के बीच सूर्य नमस्कार करेंगे. इस कार्यक्रम में गणगौरी बाजार व महाराजा छोटी चौपड़ स्कूलों के अलावा आसपास के विद्यालयों के विद्यार्थी सामूहिक रूप से सूर्य नमस्कार करेंगे. उन्होंने इस आयोजन को कामयाब बनाने के लिए प्रदेशवासियों से अपील की है.
शिक्षा मंत्री ने की अपील : शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने प्रदेश की स्कूलों में इस महत्वपूर्ण आयोजन में अधिक से अधिक लोगों से भाग लेने की अपील की हैं. सूर्य नमस्कार 12 चरणों में किया जाने वाला आसन है, जिसमें प्रणामासन, हस्त उत्तानासन, हस्तपादासन, अश्व संचलानासन, अधो मुख श्वानासन, पर्वतासन, अष्टांग नमस्कार, भुजंगासन, अधो मुख श्वानासन/पर्वतासन, अश्व संचलानासन, हस्तपादासन शामिल हैं. रोजाना पांच से बारह बार सूर्य नमस्कार करने से शरीर में पानी की मात्रा संतुलित रहती है और अनावश्यक तत्व शरीर से बाहर निकल जाते है.
सूर्य नमस्कार के स्वास्थ्य लाभ : योग क्रिया के तहत आने वाला सूर्य नमस्कार अच्छी सेहत का राज है. इसके नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत और लचीली होती है, इससे पॉश्चर बेहतर होता है. पूरे स्पाइनल और पैरास्पाइनल में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. ऊपरी और निचले अंगों के मस्कुलोस्केलेटल का फंक्शन अच्छा होता है. साथ ही हार्ट की फंक्शनिंग में सुधार होता है. वहीं, मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है. योग इंस्ट्रक्टर्स के मुताबिक सुस्त न्यूरोएंडोक्राइन सिस्टम को सूर्य नमस्कार की मदद से सक्रिय बनाया जा सकता है, साथ ही इससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा मिलता है. सूर्य नमस्कार की मदद से नींद बेहतर आती है और पाचन से जुड़ी परेशानियों को दूर किया जाता है. यह तनाव कम करने के साथ-साथ शरीर में हारमोंस पर भी नियंत्रित करता है, जिसके कारण ब्लड शुगर को काबू में किया जा सकता है.








