Jambhsar Media, New Delhi : इन क्षेत्रों के लोगों का सपना लगभग 27 वर्षों से गंगापुर सिटी-दौसा के बीच ट्रेक पर चलने का आखिरकार पूरा हुआ है। धौलपुर-गंगापुरसिटी रेल लाइन भी अब पूरी होने की उम्मीद है।
इन क्षेत्रों के लोगों का सपना लगभग 27 वर्षों से गंगापुर सिटी-दौसा के बीच ट्रेक पर चलने का आखिरकार पूरा हुआ है। धौलपुर-गंगापुरसिटी रेल लाइन भी अब पूरी होने की उम्मीद है। 2010-11 में धौलपुर-गंगापुर सिटी वाया करौली रेल परियोजना की मंजूरी के बाद भी रेल सेवा नहीं मिली है।
वास्तव में, रेल परियोजना की शुरुआत से ही यह बहुत धीमी गति से चल रहा है। रेल इंतजार अभी भी लगभग 13 वर्षों से जारी है। हालाँकि, पहले चरण में धौलपुर-सरमथुरा के बीच नैरो गेज से ब्रॉड गेज लाइन बनाने का काम चल रहा है, जबकि दूसरे चरण में पिछले महीने भेजी गई 1861 करोड़ रुपए की डीपीआर, सरमथुरा से गंगापुरसिटी वाया करौली रेल लाइन, को हरी झंडी मिलने की प्रतीक्षा है।
इस डीपीआर की मंजूरी के बाद सरमथुरा-करौली-गंगापुर सिटी रेल लाइन का विस्तार शुरू हो सकेगा। दशकों की मांग के बाद धौलपुर-गंगापुर सिटी वाया करौली रेल लाइन वर्ष 2010-2011 में स्वीकृत हुई। इससे क्षेत्रवासियों का रेल का सपना पूरा होगा। लेकिन यह रेल परियोजना शुरू से ही धीमी गति से चली है। जो अब तक एक चरण का कार्य पूरा नहीं कर सका है।
2012–13 में परियोजना का सर्वे किया गया था। 2013 में भी इस परियोजना का शिलान्यास किया गया था। बाद में काम भी शुरू हुआ। लेकिन फिर काम बंद हो गया। फिर से काम शुरू हुआ। परियोजना के प्रारंभिक चरण में उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज ने धौलपुर से सरमथुरा तक लगभग 69 किलोमीटर का आमान परिवर्तन किया जा रहा है। इस चरण के लिए अनुमानित खर्च लगभग 747 करोड़ रुपये है। जबकि दूसरे चरण में रेलवे ट्रेक को सरमथुरा से करौली होते हुए गंगापुर सिटी तक बढ़ाया जाना है। जो डीपीआर बनाकर रेलवे बोर्ड को भेजा गया है।
हाल ही में धौलपुर स्टेशन से तांतपुर तक छोटी लाइन की पुरानी पटरियों को हटा दिया गया था। धौलपुर स्टेशन से ट्रेक बिछाने के लिए यहां जमीन बनाई जा रही है। यहां पचगांव चौकी सहित ट्रेक पर छोटी अण्डर पास और पुलिया बनाया जा रहा है। अगले कुछ दिनों में, ट्रेक के लिए सीमेंटेड स्लीपर बिछाने का काम शुरू होगा। गिट्टी और स्लीपर का भारी स्टॉक है।
अब धौलपुर के नैरोगेज स्टेशन परिसर में दो मंजिला मुख्य स्टेशन भवन बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद काम शुरू हुआ। करीब 900 मीटर में यह बनेगा। भविष्य में, यात्री मुख्य स्टेशन से मुंबई-दिल्ली लाइन की ट्रेन के अलावा गंगापुरसिटी और सरमथुरा के लिए ट्रेन में सवार हो सकेंगे।
धौलपुर स्टेशन पर फिलहाल छह प्लेटफार्म तैयार हैं। चार पुराने हैं। जबकि प्लेटफार्म 9 पूरी तरह से बनाया जाना है। तीन धौलपुर-गंगापुरसिटी लाइन पर लागू होंगे। स्टेशन पर कुल ग्यारह ट्रेक बिछेंगे। वर्तमान में सात ट्रेक हैं, जिसमें से दो गंगापुरसिटी लाइन पर बनाए जा रहे हैं। पुराने शेड में अभी भी भवन निर्माण कार्य चल रहा है।
धौलपुर-गंगापुरसिटी लाइन पर ट्रेन चलाने का समय सीमा दिसंबर 2026 है। आगरा मंडल ने कहा कि धौलपुर-सरमथुरा लाइन पर पहले काम शुरू होगा। द्वितीय चरण में गंगापुरसिटी लाइन से सरमथुरा तक काम किया जाएगा। इस नई लाइन का समाप्ति तिथि दिसंबर 2026 है। रेलवे मुख्यालय इस काम को नियंत्रित करेगा। हाल ही में ग्वालियर से जौरा-सुमावली तक ट्रेन का संचालन शुरू किया गया, जो धौलपुर की नैरोगेज लाइन की तरह है। यह काम समय से पहले पूरा हो गया है।
परियोजना एक नजर में
धौलपुर-गंगापुरसिटी रेल परियोजना
स्वीकृत वर्ष 2010-11
145 किमी. दूरी गंगापुरसिटी से धौलपुर
76 किमी दूरी है गंगापुर से सरमथुरा की
दिसम्बर 2026 तक होना ट्रेन संचालन
15 बड़े पुल, 71 छोटे पुल शामिल
द्वितीय चरण की डीपीआर में सरमथुरा से गंगापुरसिटी तक लगभग 76 किमी की दूरी पर 15 बड़े पुल और 71 छोटे पुल बनाए जाएंगे। इस समय 36 RUB और 8 RUB भी निर्धारित हैं।








