Jambhsar Media, New Delhi: राजस्थान रोडवेज पर फिर बस संचालन में फिटनेस राह का रोड़ा बन गया है.अलवर डिपो की 18 बसों का संचालन सोमवार से बंद हो गया है। इन बसों में करीब 3 हजार यात्री रोजाना सफर करते हैं, ऐसे में पहले दिन ही इन यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मुख्य प्रबंधक पवन कटारा ने कहा कि डिपो प्रशासन इन बसों की दोबारा फिटनेस करवाने की तैयारी कर रहा है, ताकि इन्हें दूसरे रूट पर चलाकर वहां की बसों को एनसीआर रूट पर चलाया जा सके। हालांकि इस काम में अभी एक सप्ताह से ज्यादा का वक्त लग सकता है।
अलवर से अब रोडवेज बस के जरिए यात्री सीधे कोटा, फिरोजाबाद, बरेली और राजाखेड़ा नहीं जा सकेंगे। राजाखेड़ा के लिए शाम को ही बस जाएगी।
कोटा, फिरोजाबद और बरेली के लिए सीधी कोई रोडवेज बस नहीं है। इन रूट चलने वाली 14 बस एनसीआर के हिसाब से पुरानी हो चुकी हैं। अब नई बसें आने पर ही इन रूट पर सीधे बस चल सकेंगी।
केंद्रीय बस स्टैंड के अलवर आगार की साल 2012-13 मॉडल की 14 बसों की फिटनेस नहीं होने के कारण 1 अप्रैल से कुछ बसों का संचालन बंद कर दिया है।
आगार की ओर से जयपुर मुख्यालय से बसें मांगी गई है। परिवहन विभाग के नियमानुसार डीजल से चलने वाले 10 साल पुराने वाहन एनसीआर में नहीं चल सकते, जिसके चलते इन बसों का संचालन बंद किया गया है।
अलवर बस स्टैंड के अलवर आगार के प्रबंधक संचालन गिर्राज प्रसाद सैनी ने बताया कि आगार के पास वर्तमान में 33 बस संचालित हैं। जिनमें से 19 बसों का ही फिटनेस है।
बाकी 2012-13 मॉडल की 14 बस फिटनेस से बाहर हैं। इस कारण लक्ष्मणगढ़, भरतपुर, मथुरा, राजाखेड़ा, फिरोजाबाद, बरेली, खैर कोटा और खेरली मार्ग वाले यात्रियों को परेशानी होगी। कुछ रूट पर लंबे गैप से बस चलेगी।
वहीं राजाखेड़ा और फिरोजाबाद जाने वाली बसों का संचालन पूर्णतया बंद कर दिया गया है। जबकि बरेली चलने वाली बस को मथुरा तक, खैर चलने वाली बस को मथुरा तक, कोटा जाने वाली बस को जयपुर तक संचालित किया गया है।
बसों के स्थान पर यात्रियों की सुविधा को देखते हुए दूसरी बसें भेजने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा जा चुका है। जिससे संचालन प्रभावित हो गया है।








