Jambhsar Media Desk, New Delhi: राजस्थान के प्रसिद्ध लोकदेवता में से एक बाबा रामदेव जी के ससुराल का पता अब बदलने जा रहा है. 2 बीघा जमीन पर अब बाबा रामदेव जी के ससुराल को विकसित किया जाएगा. बाबा पहली बार नेतलरानी से जहां मिले थे अब उसी जगह को उनकी ससुराल के तौर पर तैयार किया जा रहा है. इस पर 7 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.
राजस्थान के लोक देवता बाबा रामदेवजी का ससुराल अमरकोट पाकिस्तान में है. अब बीकानेर जिले के कोलायत तहसील के सियाणा गांव में नैतलरानी का पीहर और लोकदेवता बाबा रामदेवजी का ससुराल बनेगा. नैतलरानी का पीहर दो बीघा जमीन पर बनेगा.
इस पर करीब सात करोड़ रुपए खर्च होंगे. ये चार साल में बनकर तैयार हो जाएगा जो तीर्थस्थल के रूप में प्रसिद्ध होगा.
दो बीघा जमीन दान
अंतर्राष्ट्रीय द्वारिका रणुजा संगम संस्थान आमजन लोगों के सहयोग से नैतलरानी का पीहर बनवाएगा. इसमें भव्य और कलात्मक मंदिर बनाया जाएगा. इस तीर्थस्थल के लिए समाजसेवी गुलाबसिह सिवाना ने दो बीघा जमीन मंदिर निर्माण के लिए भेंट की है.
दीवारों पर ससुराल का इतिहास-संस्थान के संस्थापक प्रकाश सुखलेचा ने बताया पीहर में नैतलरानी और बाबा रामदेव की जुगलजोड़ी की मूर्ति लगायी जाएगी.
दीवारों पर उसका इतिहास लिखा जाएगा. नैतलरानी का बावा रामदेव से प्रथम मिलन, विवाह प्रसंग को मूर्तियों और चित्रों के जरिए दिखाया जाएगा.
भोजनशाला और धर्मशाला
तीर्थस्थल नैतलरानी के पीहर को भव्य एवं कलात्मक बनाया जाएगा. इसका डिजाइन भी तैयार हो गया है. यहां श्रद्धालुओं के लिए भोजनशाला और धर्मशाला बनायी जाएगी.
सुंदर बगीचे, फव्वारे सहित घुड़सवारी और ऊंट सवारी भी यहां आकर्षण का केन्द्र रहेगी. पीहर के निर्माण के लिए जल्द ही शुभ मुहूर्त में नींव पूजन किया जाएगा.
देश भर में 43 हजार मूर्तियां
34 साल में अंतर्राष्ट्रीय द्वारिका रणुजा संगम संस्थान की ओर से देशभर में बाबा रामदेवजी की करीब 43 हजार मूर्तियां लगायी जा चुकी हैं.
प्रकाश सुखलेचा के अनुसार संस्थान से जुड़े करीब ढाई लाख सदस्य हैं. संस्थान का उद्देश्य लोकदेवता बाबा रामदेवजी के अधिक से अधिक मंदिर निर्माण करना, बाबा रामदेवजी की महिमा का बखान करना, जीव दया के लिए सेवा कार्य करना है.
रामदेवरा का पड़ाव
सियाणा गांव में प्रसिद्ध भैरवनाथ मंदिर है. हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. मंदिर से महज एक किमी दूर नैतलरानी का पीहर बनेगा. रामदेवजी के भक्त हर साल बीकानेर होकर रामदेवरा के लिए पदयात्रा करते हैं. सियाणा में नैतलरानी का पीहर बनने से लाखों श्रद्धालु सियाणा होकर रामदेवरा की तरफ पदयात्रा कर सकेंगे.








