राजस्थान में डेंगू तेजी से फैल रहा है। प्रदेश में अब तक के आंकड़ों के अनुसार डेंगू के करीब 890 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें बीकानेर अकेले के 204 और जयपुर के 160 मरीज भी शामिल हैं, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डेंगू के लक्षण क्या हैं? तथा इससे जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी आओ नीचे के आर्टिकल मे जानते है । राजस्थान के 22 जिलों में डेंगू के दहाई मामले हुए हैं, जिसने हालात को ओर गंभीर बना दिया है। तथा लोगों की चिंता भी इसी बीच बड़ती नजर या रही है
डेंगू के लक्षण क्या हैं?
डेंगू के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के चार से दस दिनों के बाद दिखाई देते हैं। अधिकतर लोगों को यह भी नहीं पता की डेंगू के लक्षण क्या हैं? लेकिन इसके सही लक्षण तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द, आंखों मे पीछे की तरफ तेज दर्द, मांसल पेशियों और जोड़ में तेज दर्द, मितली, उल्टी और लाल चकत्ते त्वचा के लक्षण हैं। दोनों उम्र में ये लक्षण हल्के या गंभीर हो सकते हैं।
कैसे पता करें कि डेंगू के लक्षण क्या हैं ? यह आप मे भी
डेंगू के लक्षण क्या हैं ? डेंगू के संक्रमण को कुछ प्रमुख संकेत बता सकते हैं, जैसे मसूड़ों या नाक से खून आना, मल, पेशाब या उल्टी में खून होना, त्वचा के नीचे खून बहना, गंभीर पेट दर्द, निरंतर उल्टी, थकान या कंफ्यूजन होना, और ठंडे या चिपचिपे हाथ-पैर।
डेंगू का गंभीर संकेत
डेंगू के गंभीर लक्षणों में बार-बार उल्टी होना, मल में खून होना, नाक या मसूड़ों से खून आना, अत्यधिक थकान, बेचैनी या चिड़चिड़ापन शामिल हैं। इन लक्षणों को दिखाई देने पर चिकित्सा सहायता तुरंत प्राप्त करनी चाहिए। अन्यथा आप की हालत ओर भी बिगड़ सकती है
डेंगू के द्वारा प्रभावित अंग
पीड़ित व्यक्ति को डेंगू से बहुत दर्द हो सकता है, जिसे “हड्डीतोड़ बुखार” भी कहा जाता है। डेंगू के लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, त्वचा पर चेचक (जैसे लाल चकत्ते) और मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द शामिल हैं।
डेंगू का सबसे खतरनाक स्तर
डेंगू बुखार की वह हेमरैजिक नामक स्टेज है जिसके के बाद स्थिति गंभीर हो सकती है, जो मरीज को शॉक में डाल सकती है। इस स्थिति में ब्लड प्रेशर 70/40 से भी कम हो सकता है, जो किडनी, लिवर और दिल फेल होने का खतरा बढ़ाता है।
डेंगू का सही उपचार
डेंगू बुखार के इलाज में एसिटामिनोफेन और एस्पिरिन से बचना चाहिए क्योंकि ये रक्तस्राव को बढ़ा सकते हैं। मरीज को आराम करना चाहिए, पर्याप्त तरल पदार्थ पीना चाहिए और डॉक्टर से मिलना चाहिए। डेंगू बुखार आम तौर पर 5 से 7 दिन चलता है और व्यक्ति ठीक हो जाता है।
डेंगू में आखिर क्या ले सही आहार
डेंगू से पीड़ित लोगों को नरम और आसानी से पचने योग्य भोजन करना चाहिए, जैसे चावल, दलिया, दही और उबली सब्जियां। नमकीन, मसालेदार, शराब, कैफीन, तले हुए और वसायुक्त भोजन से दूर रहना चाहिए।
डेंगू में प्लेटलेट्स की सही संख्या आखिर कितनी होनी चाइए
प्रति माइक्रोलीटर ब्लड में लगभग 153,000 से 452,000 प्लेटलेट्स होते हैं। प्लेटलेट्स 10000 से कम होने पर रोगी को अधिक सावधानी से देखना चाहिए। क्योंकि एसी हालत मे रोगी की जान भी जा सकती है
एक्सपर्ट का विचार: लापरवाही है, जिम्मेदार
अक्सर हम देखते है की बारिश के समय सड़कों पर बने गड्ढों में बरसाती पानी जमा हो जाता है, जिससे एडीज मच्छर पनपते हैं। डेंगू को सिर्फ बारिश के बाद होने का विचार गलत है। ठहरे हुए पानी और हमारी अपनी गलती से यह किसी भी मौसम में बढ़ सकता है। घरों में कूलर की सफाई न करने, पुराने टायरों और गमलों में पानी भरने से मच्छर पनपते हैं।
डेंगू से प्रभावित क्षेत्र
राजस्थान के कुछ जिले तो डेंगू से बुरी तरह प्रभावित हैं, जैसे बीकानेर (206), जयपुर ग्रामीण (107), जयपुर (55), बूंदी (49), कोटा (44), झालावाड़ (37), यह कुछ जिले जिनमे डेंगू के सबसे अधिक मरीज पाए गए है
इसलिए डेंगू से बचने के लिए हमें सरकारी निर्देशों का पालन करना चाहिए और अपने आस-पास की सफाई का ध्यान रखना चाहिए। कूलर और अन्य जगहे जहा पानी जमा होसकता है उन स्थानों की नियमित रूप से सफाई करें, ताकि डेंगू मच्छरों को फैलने से रोका जा सके।
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