मां के निधन पर पगड़ी रस्म पर नई पहल की शुरुआत पूर्व मंत्री भेराराम जी सियोल ओसिया
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| पगड़ी रशम के छाया चित्र |
पूर्व मंत्री सियोल ने मां के निधन पर मृत्यु भोज ना करके नशा मुक्त सामाजिक कार्यक्रम कर ओसियां क्षेत्र
पूर्व मंत्री भैराराम सियोल की मां बगतू देवी के गत दिनों निधन पर ओसियां क्षेत्र के पैतृक गांव मांडियाई खुर्द में श्रद्धांजलि सभा व पगड़ी रस्म का सामाजिक आयोजन हुआ जिसमें शोक सभा के 12 वे दिन पर तीनों पुत्र सरपंच प्रतिनिधि भोमाराम आबकारी निरीक्षक डॉ उम्मेदा राम व पूर्व मंत्री भैराराम सियोल सहित परिवार के अन्य सदस्यों की क्षेत्र के हजारों लोगों की मौजूदगी में सामाजिक रीति नीति से पगड़ी रस्म की अदायगी की गई इस भावुक पल दौरान पूर्व मंत्री सियोल ने स्वर्गीय मां की स्मृति में ओसियां क्षेत्र की बेटियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए क्षेत्र के कर्माबाई शिक्षण संस्थान में 11 लाख रुपए देने की बात कही शोक सभा के अंतिम दिवस ओसियां क्षेत्र के आस-पास के गांवों के हजारों ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की इस अवसर पर ब्राह्मण पंडित द्वारा गंगाजल का भी वितरण किया गया
पूर्व मंत्री सियोल ने नवीन पहल कर अनूठी मिसाल पेश की
पूर्व मंत्री भैराराम सियोल ने मां के निधन पर अनावश्यक खर्चा ना करके नशा मुक्त मृत्यु भोज रहित सामाजिक कार्यक्रम करके क्षेत्र में सादगी की मिसाल कायम की और इसकी जगह मां की याद में ओसियां क्षेत्र के गांव-ढाणी की बेटियों को पढ़ाने के लिए कर्माबाई शिक्षण संस्थान में अपनी निजी आय में से 11 लाख रुपए शिक्षा पर खर्च करने की घोषणा की सामाजिक कार्यक्रम के दौरान विभिन्न व्यंजन मिष्ठान व पांच पकवान नहीं बना कर परंपरागत सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए पूर्व मंत्री सियोल ने नई परंपरा व प्रेरणादाई मुहिम की शुरुआत करते हुए शिक्षा से वंचित ग्रामीण क्षेत्र के गांव ढाणी की बेटियों के लिए शिक्षा के आधारभूत ढांचे से जोड़कर नींव को मजबूत करने के लिए इस प्रकार की नई पहल की शुरुआत कर क्षेत्र व समाज में अनूठी मिसाल कायम की जिसको लेकर क्षेत्र में खास चर्चा भी रही अक्सर राजनेता सामाजिक कार्यक्रमों में न्यात करके वाह-वाही के चक्कर में पैसों को पानी की तरह बहाते हैं परंतु इसकी जगह एक नई शिक्षा मुहिम की शुरुआत करके क्षेत्र और समाज में नया संदेश दिया है
हिन्दू रीति नीति अनुसार क्या है पगड़ी रस्म
परिवार में मां-बाप के जाने पर सामाजिक कार्यक्रम के तहत शोक सभा के अंतिम 12वे दिन पर ससुराल व ननिहाल पक्ष की ओर से पुत्रों और परिवार के अन्य सदस्यों को पाग बंधा कर पगड़ी रस्म की अदायगी की जाती है पगड़ी को सामाजिक परंपरा में मान सम्मान और प्रतिष्ठा के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है इसका सामाजिक सरोकार के रूप में विशेष महत्व होता है यहीं से पारिवारिक जिम्मेदारियों की शुरुआत हो जाती है
पगड़ी रस्म के दौरान श्रद्धांजलि सभा में पाली पूर्व सांसद पुष्प जैन जैसलमेर पूर्व विधायक सांग सिंह भाटी राज्यमंत्री व जेडीए पूर्व चेयरमैन राजेंद्र सिंह सोलंकी मृगेंद्र सिंह भाटी परसराम विश्नोई ओ पी धायल ओसिया पूर्व प्रधान भोमाराम चौधरी उप प्रधान देवीलाल चौधरी तिंवरी प्रधान प्रतिनिधि भूराराम भाटिया मोहन सिंह मालूगा प्रताप सिंह भेड़ डॉ सुनील चांडक एडवोकेट प्रताप सिंह राठौड़ वरिष्ठ अधिवक्ता नाथू सिंह राठौड़ जवरीलाल देशलहरा माणक लाल परिहार भोमराज सुथार जगदीश जांगिड़ जैसलमेर सहित गणमान्य जनप्रतिनिधि व हजारों की संख्या में ग्रामीण जन मौजूद रहे




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