Jambhsar Media नई दिल्ली | विशेष रिपोर्ट
भारत सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अपना ‘प्लान-B’ लागू करना शुरू कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता और बढ़ती मांग के बीच केंद्र सरकार ने कई देशों से LNG (Liquefied Natural Gas) और LPG (Liquefied Petroleum Gas) की अतिरिक्त सप्लाई मंगवानी शुरू कर दी है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत ने United States, Algeria, Australia, Canada और Norway सहित कई ऊर्जा निर्यातक देशों से गैस आपूर्ति के नए अनुबंध और स्पॉट डील किए हैं। इन समझौतों के तहत आने वाले महीनों में LNG और LPG के अतिरिक्त जहाज भारत के बंदरगाहों पर पहुंचने शुरू हो गए हैं।
भारत मे ऊर्जा मांग बढ़ने से लिया गया फैसला
भारत दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देशों में शामिल है और हर साल गैस की मांग तेजी से बढ़ रही है। उद्योग, बिजली उत्पादन और घरेलू रसोई गैस की बढ़ती खपत को देखते हुए सरकार ने वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों को मजबूत करने की रणनीति अपनाई है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक स्तर पर गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण सप्लाई पर असर पड़ सकता है। ऐसे में कई देशों से गैस आयात बढ़ाकर भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को स्थिर रखना चाहता है।
आपूर्ति के लिय बंदरगाहों पर पहुंचने लगे गैस टैंकर
आपको बता दे सूत्रों का कहना है कि पश्चिमी और दक्षिणी भारत के LNG टर्मिनलों पर आने वाले हफ्तों में कई गैस टैंकर पहुंचेंगे। इनसे प्राप्त गैस को पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए विभिन्न राज्यों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे उद्योगों और घरेलू उपभोक्ताओं को आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
गैस कि कमी का घरेलू बाजार पर असर
विशेषज्ञों की माने तो उनका कहना है कि अतिरिक्त गैस आपूर्ति से घरेलू बाजार में गैस की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों पर भी नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है। साथ ही बिजली उत्पादन और उर्वरक उद्योग को भी इसका लाभ मिलेगा। जो भारतीय बाजार पर डाले असर |
लंबी रणनीति पर जोर दिया
भारतीय केंद्र सरकार लंबे समय से भारत के ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसी दिशा में LNG आयात, गैस पाइपलाइन नेटवर्क और टर्मिनल क्षमता बढ़ाने जैसे कई प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। भारत द्वारा ऊर्जा क्षेत्र के लिय उठाए इस महत्वपूर्ण निरी के बारे मे केइ जानकारों का कहना है कि कई देशों से गैस सप्लाई सुनिश्चित करना भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है, जिससे भविष्य में संभावित आपूर्ति संकट से निपटना आसान होगा।








