राजस्थान के उदयपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक कॉन्स्टेबल और एक थानाधिकारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 22 मार्च को की गई, जिसमें टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, कॉन्स्टेबल भालाराम पटेल और मांडवा थाने के थानाधिकारी निर्मल कुमार खत्री पर आरोप था कि वे एक मामले में राहत देने के बदले 8 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। पीड़ित ने इसकी शिकायत ACB को दी, जिसके बाद पूरी योजना बनाकर ट्रैप लगाया गया।
5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा
आरोपियों को पकड़ने के लिए ACB टीम को आसान रास्ता नहीं मिला।
टीम को करीब 5 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा
इलाका पहाड़ी और सुनसान था
वाहन वहां तक नहीं पहुंच सकते थे
इसके बावजूद टीम ने हिम्मत नहीं हारी और चुपचाप आगे बढ़ती रही।
4 घंटे तक पहाड़ी पर छिपकर इंतजार
टीम ने सही समय का इंतजार करने के लिए पहाड़ी पर छिपकर निगरानी रखी।
करीब 4 घंटे तक टीम वहीं छिपी रही
इस दौरान उन्हें पानी तक नहीं मिल पाया
कड़ी धूप और थकान के बावजूद ऑपरेशन जारी रखा गया
रिश्वत लेते ही दबोचे गए आरोपी
जैसे ही रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ, ACB टीम ने तुरंत कार्रवाई की और दोनों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की गई थी।
आगे की जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद अब ACB दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि
क्या इस मामले में और लोग शामिल हैं
क्या पहले भी इस तरह की वसूली की गई थी
क्या संदेश देता है यह मामला?
यह कार्रवाई दिखाती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एजेंसियां पूरी सख्ती से काम कर रही हैं। कठिन हालात में भी ACB टीम ने धैर्य और सूझबूझ से ऑपरेशन को सफल बनाया।








