Vladimir Putin ने मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को लेकर गंभीर चिंता जताई है। मॉस्को में बिजनेस लीडर्स से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के परिणाम इतने जटिल हो सकते हैं कि इसका सही अनुमान लगाना फिलहाल संभव नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस युद्ध में शामिल देश खुद भी इसके दीर्घकालिक प्रभावों को पूरी तरह समझ नहीं पा रहे हैं।
“कोविड जैसे हालात” की चेतावनी
पुतिन ने चेतावनी दी कि यह युद्ध आगे चलकर कोविड-19 जैसी वैश्विक स्थिति पैदा कर सकता है।
पूरी दुनिया में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं
व्यापार और सप्लाई चेन ठप पड़ सकती है
कई देशों को एक साथ संकट का सामना करना पड़ सकता है
यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

वैश्विक सप्लाई चेन और उद्योगों पर असर
इस संघर्ष का असर अब साफ दिखने लगा है:
अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बाधित हो रहा है
उत्पादन में कमी और सप्लाई में देरी हो रही है
तेल-गैस, धातु और उर्वरक सेक्टर पर भारी दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह स्थिति लंबी चली, तो वैश्विक महंगाई और बढ़ सकती है।
बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट बना नया फ्लैशपॉइंट
Bab al-Mandeb Strait इस समय संघर्ष का अहम केंद्र बनता जा रहा है।
यह रेड सी को अरब सागर से जोड़ता है
स्वेज नहर की ओर जाने वाले जहाज इसी मार्ग से गुजरते हैं
दुनिया के करीब 12% तेल की सप्लाई यहीं से होती है
यह दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में शामिल है

ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला हुआ, तो वह इस स्ट्रेट को बंद कर सकता है, जिससे वैश्विक व्यापार पर बड़ा असर पड़ेगा।
खार्ग द्वीप पर हमले की आशंका
Kharg Island को लेकर हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका यहां जमीनी हमला (ग्राउंड इनवेजन) कर सकता है
यह द्वीप ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है
अगर यहां हमला होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।
जिबूती में अमेरिकी बेस भी खतरे में
Djibouti में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डा बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट से करीब 30 किमी दूर है।
इस इलाके में तनाव बढ़ने पर अमेरिकी सैन्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं
रेड सी क्षेत्र में संघर्ष और व्यापक हो सकता है
दुनिया पर संभावित प्रभाव
इस पूरे घटनाक्रम के चलते:
तेल और गैस की कीमतों में तेजी
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों में रुकावट
महंगाई और आर्थिक अस्थिरता
कई देशों में सप्लाई संकट
वैश्विक संकट की ओर बढ़ते कदम
मिडिल ईस्ट में बढ़ता यह संघर्ष अब केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रहा। यह धीरे-धीरे वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक संकट का रूप लेता जा रहा है।
पुतिन की चेतावनी इस बात की ओर इशारा करती है कि यदि समय रहते हालात काबू में नहीं आए, तो दुनिया को एक बार फिर कोविड जैसी बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।








