जोधपुर | राजस्थान बोर्ड (RBSE) 10वीं परीक्षा परिणाम घोषित होते ही सूर्यनगरी में खुशी और उत्साह का माहौल बन गया। जिले के विद्यार्थियों ने इस वर्ष शानदार प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे जोधपुर का नाम रोशन किया है। कई छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए।
निशांत बने जिले के टॉपर्स में सबसे आगे
इस वर्ष के परिणामों में निशांत कव्या ने 99.5% अंक प्राप्त कर असाधारण उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस सफलता ने उन्हें जिले के टॉप छात्रों में शीर्ष स्थान पर पहुंचा दिया है।
निशांत का कहना है कि उनकी सफलता का राज नियमित पढ़ाई और निरंतरता रही। उन्होंने बताया कि वे रोजाना 1-2 घंटे फोकस्ड स्टडी करते थे और परीक्षा के समय बिना तनाव के तैयारी की।
भविष्य का लक्ष्य:
निशांत आगे चलकर UPSC परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनना चाहते हैं, ताकि देश की सेवा कर सकें।
अन्य छात्रों के लिए संदेश:
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे खुद पर विश्वास रखें और बिना किसी दबाव के अपने लक्ष्य की ओर लगातार मेहनत करते रहें।
राधेश्याम बिश्नोई ने भी किया शानदार प्रदर्शन
आदर्श ज्योति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खोखरिया के छात्र राधेश्याम बिश्नोई ने 98.33% अंक प्राप्त कर जिले में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। राधेश्याम का मानना है कि नियमित पढ़ाई और बार-बार रिवीजन ही सफलता की कुंजी है।भविष्य की योजना:
वे कला संकाय चुनकर भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहते हैं। उनके शब्दों में—
"देश सेवा से बड़ा कोई कर्तव्य नहीं होता।"
प्रिया चौधरी ने भी बढ़ाया गौरव
आदर्श ज्योति स्कूल की छात्रा प्रिया चौधरी ने 94.33% अंक प्राप्त कर विद्यालय और परिवार का नाम रोशन किया है।
प्रिया ने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए स्वयं के नोट्स बनाए और नियमित अभ्यास किया, जिससे उन्हें अच्छे अंक हासिल करने में मदद मिली।
भविष्य का लक्ष्य:
प्रिया डॉक्टर बनना चाहती हैं और इसके लिए उन्होंने विज्ञान और गणित विषयों पर विशेष ध्यान दिया।
जोधपुर में जश्न का माहौल
RBSE 10वीं के नतीजों के बाद पूरे जोधपुर जिले में खुशी की लहर है। स्कूलों में मिठाइयां बांटी जा रही हैं और छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जा रहा है। अभिभावक और शिक्षक भी बच्चों की इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
सफलता का मंत्र क्या रहा?
इस साल सफल छात्रों की रणनीति लगभग एक जैसी रही:
नियमित और समयबद्ध पढ़ाई
बार-बार रिवीजन
स्वयं के नोट्स तैयार करना
तनाव मुक्त रहकर परीक्षा देना
RBSE 10वीं परीक्षा 2026 के परिणामों ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। जोधपुर के इन होनहार छात्रों ने न सिर्फ जिले का नाम रोशन किया, बल्कि आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा भी बने हैं।








