मिडिल ईस्ट में तनाव अब और बढ़ गया है। ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने पाकिस्तान के कराची जा रहे 'सेलेन' नामक जहाज को होर्मुज स्ट्रेट पार करने से रोक दिया। आईआरजीसी के नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसीरी ने स्पष्ट किया कि इस जहाज के पास ईरानी अधिकारियों से अनुमति नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले सभी जहाजों को पहले ईरान से परमिशन लेना जरूरी है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पाकिस्तान इस जंग में मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशिकयान से फोन पर बातचीत भी की थी।
वहीं, भारत के 5 जहाज पहले ही सुरक्षित होर्मुज स्ट्रेट से गुजर चुके हैं। इनमें जग वसंत, पाइन गैस, शिवालिक, नंदा देवी और जग लाडकी शामिल हैं।
ईरान में युद्ध का भयंकर असर
अब तक लगभग 1,500 लोग मारे जा चुके हैं और 18,551 घायल हुए हैं।
मरने वालों में 8 महीने के बच्चे से लेकर 88 साल तक के बुजुर्ग शामिल हैं।
जंग में लगभग 200 महिलाओं की मौत हो चुकी है।
28 फरवरी को स्कूल पर हुए हमले में 168 बच्चों की मौत हुई।
55 हेल्थ वर्कर्स घायल, जिनमें से 11 की मौत।
ईरान का दावा – अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर निशाने पर
ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग ने कहा कि क्रूज मिसाइलों ने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
अमेरिका का कड़ा रुख – 1,000 सैनिक भेजने की तैयारी
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के करीब 1,000 सैनिक मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी में हैं। यह डिवीजन दुनिया में किसी भी संकट स्थल पर सिर्फ 18 घंटे में पहुंच सकती है और इसे इमीडिएट रिस्पॉन्स फोर्स (आईआरएफ) क्षमता कहा जाता है। इसमें तीन कॉम्बैट टीम, एक एविएशन ब्रिगेड और आर्टिलरी शामिल हैं।








